08 जुलाई, 2024

छोटे बच्चे के मुँह से लार ज्यादा आये तो क्या करे ?

 

छोटे बच्चे के मुँह से लार ज्यादा आये तो क्या करे ?


         मुंह में कुल तीन जोड़ी लार ग्रंथियां स्थित होती हैं जिनसे लार मुंह में प्रवाहित होती है।

·         यदि भोजन निगलने की क्रिया में रुकावट आती है तो बच्चे की लार टपकती है।

·         यदि बच्चा किसी भी कारण से मानसिक रूप से मंद है तो उसके मुंह से लार बहने लगती है।

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दो से ढाई साल से कम उम्र के बच्चों में लार बहने की समस्या माताओं को परेशान करती है। बच्चे के मुँह से गिरने वाली लार बच्चे की शक्ल खराब कर देती है और माता-पिता सोचते हैं कि बच्चे में कोई दोष है क्या ?

दांत निकलने के समय यानी छह महीने के बाद ज्यादातर बच्चों के मसूड़े सिकुड़ने के कारण अधिक लार निकलने लगती है। यह समस्या उन बच्चों में अधिक होती है जो मुंह से सांस लेते हैं। ऐसा लगता है कि इस प्रकार की लार कुछ परिवारों में विरासत में मिलने की अधिक संभावना है।


लार क्यों और कहाँ उत्पन्न होती है?

हमारा मुंह में एक जैसे लार ग्रंथि प्रकृति ने तरल नमी बनाए रखने के लिए लार का निर्माण किया है। जिससे पेट में खाना गीला, गूदेदार और सुपाच्य हो जाता है। हमारे मुँह के दोनों ओर तीन जोड़ी लार ग्रंथियाँ होती हैं। (1) दोनों कानों के नीचे बड़ी पैरोटिड ग्रंथियाँ (2) निचले जबड़े के नीचे की ग्रंथियाँ और (3) जबान के नीचे की ग्रंथियाँ।

इस प्रकार, छह लार ग्रंथियों में स्वाभाविक रूप से लार का उत्पादन होता है। जैसे ही भोजन चबाया जाता है, अधिक लार उत्पन्न होती है|

यदि भोजन स्वादिष्ट और सोडियमयुक्त है, तो पाचन के लिए अधिक लार उत्पादन होता है। तब ऐसे भवता भोजन के खुश्बू के कारण अधिक लार बनने लगती है और इसीलिए "भवता भोजन होने पर, लार गिरने लगी|" के मुहावरे का प्रयोग करते हैं।

लार में 'टाइलिन' नामक एंजाइम भी होता है, जो कार्बोहाइड्रेट को पचाता है। इस प्रकार भोजन का पाचन "मुह" से शुरू होता है।

बच्चे के मुंह में बनने वाली अतिरिक्त लार अंततः भोजन के कणों के साथ गले में जाती है। इसलिए यदि बच्चे को भोजन निगलने की प्रक्रिया में रुकावट आती है या मुंह और निगलने वाली मांसपेशियों के समन्वय में गड़बड़ी होती है, तो मुंह से लार निकलने लगती है। बच्चों में अत्यधिक लार निकलने के कारणों का विवरण नीचे दिया गया है।

(ए) मस्तिष्क या तंत्रिका तंत्र के दोष:

1. मानसिक रूप से विक्षिप्त बच्चा: यदि बच्चा किसी भी कारण से मानसिक रूप से विक्षिप्त है, तो वह अधिक लार टपकाता है। इसके मुख्य कारणों में मंगोलिज्म, सेरेब्रल पाल्सी शामिल हैं|(सीपी)

2. लकवा: यदि मुंह, जीभ या होठों की मांसपेशियां लकवाग्रस्त हो जाती हैं, तो बच्चा से लार टपकाता है। 


(बी) निगलने के कार्य में रुकावट:

1. जन्मजात दोष: यदि जन्म के बाद बच्चे को पानी या दूध देते समय मुंह से झागदार तरल पदार्थ निकलने लगे तो अन्ननली में जन्मजात दोष हो सकता है। अन्ननली और श्वासनली आगे या जुड़े हुए होते हैं|

ऐसे बच्चों की अन्ननलिका बंद हो तो नाक में कॉक डालने से तुरंत निदान पता चल जाता है। ऐसी स्थिति में तुरंत बाल रोग विशेषज्ञ को दिखाकर और ऑपरेशन के जरिए दोष को दूर करके बच्चे को बचाया जा सकता है।

2. संक्रमक रोग: बच्चों में डिप्थीरिया, रेबीज, टेटनस आदि गंभीर संक्रामक रोगों में ग्रासनली और गले में रुकावट के कारण मुंह से झागदार श्लेष्मा स्राव होता है। आने पर बाल रोग विशेषज्ञ को दिखाना चाहिए, बच्चे को भर्ती कर इलाज शुरू करना चाहिए।

(ए) मों के अंदर सूजन:

यदि किसी कारण से मों के अंदर बच्चे में सूजन हो या चांदी हो, तो लार ग्रंथियां सुरक्षात्मक उपाय के रूप में अधिक लार का उत्पादन शुरू कर देती हैं। यह अतिरिक्त लार बच्चे के मुँह से बाहर निकल जाती है।

(डी) कुछ दवाएं:

जैसे क्लोनाज़ेपम, हेलोपरिडोल आदि इसके चालू होने पर भी बच्चा लार टपकता हुआ प्रतीत होता है।

इस प्रकार, कभी-कभी बच्चे के पास अत्यधिक लार निकलने का कोई कारण नहीं होता है, और कभी-कभी किसी गंभीर संक्रामक रोग या मानसिक मंदता वाले बच्चे जैसी बीमारी को केवल इस प्रारंभिक संकेत से पकड़ना आसान होता है। इसलिए जल्द से जल्द बाल रोग विशेषज्ञ को दिखाना जरूरी है।

ठंड के मौसम में यदि बच्चे को लार अधिक आती हो तो लारिया बांधना लाभकारी होता है। इसे समय-समय पर बदलने से स्वच्छता बनी रहती है। यदि बच्चा लगातार गीला रहता है तो ठंड में सर्दी खांसी की संभावना बढ़ जाती है।




Disclaimer:
This blog is for informational purposes only and is not a substitute for professional medical advice. Always consult a healthcare professional regarding your child’s health. In case of an emergency, seek immediate medical attention.

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