बच्चोको गुस्सा
क्यूं आता है ? उसे कंट्रोल केसे करे ?
अपनी इच्छा या जरूरियात पुरी ना होने पर बच्चा टेंट्रम थ्रो करता है, छोटा बच्चा अपनी इच्छा बता
नहीं सकते, और इमोशन कंट्रोल ना होने
पर जीत और गुस्सा करते हैं | फिजिकल वजहो जैसे भूखा बच्चा, थका बच्चा, और नींद पुरी ना होने से बेचैन बच्चा, गुस्सा करने लगता
है| उसे जो करना है, वह पेरेंट्स करने ना
दे, या तो चाहिए वह ना मिले, तो गुस्सा करता है| यह डेढ से चार साल के टॉडलर में ज्यादा दिखता है टेंट्रम थ्रो
करना नॉर्मल चार साल तक कम होकर ज्यादा नहीं दिखता |
वॉशिंगटन
यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन प्रीस्कूल बच्चों के गुस्से के रिसर्च में पाया
की दिन में एक बार गुस्सा आना नॉर्मल है |
बच्चा गुस्सा जताने रोना, बूम पाडना, लात मारना, सांस रोकना, काटना, धक्का मारना, चीज फेंकना
वगैरा करता है| स्कूल को लेकर
ज्यादा तनाव हो जाए तो भी बच्चा गुस्सा करने लगता है , एसेमें डांटते रहे और
फटकारते रहे तो भविष्य में वो बच्चा हिंसक और जिद्दी बन जाता है, और उसको
पेरेंट्स के प्रति पूर्वाग्रह होकर पेरेंट्स को नफरत करने लगता है| इसलिए भी बच्चे के गुस्से को कंट्रोल करना बेहद जरूरी
है| छोटे बच्चे स्कूल में पियर्स से नया सीखते हैं,
इसमें बच्चा अगर कमजोर पड़े या असफल हो जाए तो बात बात में गुस्सा करता है, कोई अगर बच्चे को तंग करें, तो भी, बच्चा
गुस्सा करता है बच्चे को घर आए मेहमान के बच्चे
से खिलौने शेयरिंग करना अच्छा नहीं लगता, पर मॉम ऑर्डर करें तो बच्चा गुस्सा करने लगता है| बच्चे को जो करना है, जो
चाहिए वह ना मिले, तो बच्चा गुस्सा
करने लगता है बच्चे को स्कूल जाना ना हो लेकिन पेरेंट्स दबाव करके भेजे तो बच्चे को गुस्सा आने लगता है|
इससे गुस्सैल बच्चे का स्ट्रेस हार्मोन लेवल बढ़ने पर उसे पेट दर्द पाचन समस्या, सर दर्द, अनिद्रा, ज्यादा चिंता करना, रक्तचाप या तो दिल की धड़कन बढ़ने की बीमारी
हो सकती है|
इससे गुस्सा करने वाले बच्चे को कैसे हैंडल करें? पहली बात शांत रहे, बच्चे के
सामने कभी गुस्सा ना करें, अगर आप
भी सामने गुस्से होकर बुमाबूम करेंगे तो बच्चा वही फॉलो करेगा, स्थिति और
बिगड़ेगी | अगर आप उसको इग्नोर करें और उसको अटेंड नहीं करेंगे तो बच्चा अपने आप शांत हो जाएगा| उसे स्पेस दो, जगह बदलो, कुछ
टॉफी कुल्फी या आइसक्रीम खाने को
दो, इससे बच्चे का माइंड गुस्से से शान्त हो जाएगा, उसे हग करें, सर पर हाथ फिराए|
गुस्से की वजह जान के स्कूल और फ्रेंड से भी
जानकारी लेकर उसे समझाने की कोशिश करें| इससे
उसकी गलती बता के उसका गुस्सा शांत करने की कोशिश करें| थोड़ा समय बाद
उससे बात करके समस्या का समाधान करें| हर टाइम जो मांगे, वो उसे ना दें| इससे बच्चा जिद्दी और ज्यादा मांग करता
रहेगा|
.उसके गुस्से को प्लान करें, दूसरे बच्चे आने से पहले उसके खिलौने अंदर रख दे| खाने-पीने की और खिलौने की वह शॉप पर ना ले जाए जहां पर उसे लेने की वो जीद करता है| ज्यादा गुस्सा करने पर उससे पनिशमेंट के लिए एक रूम में दस मिनट अकेला बंद करें | डार्क रूम में डर लगे ऐसी जगह ना रखें| बच्चे को कतई मारना, पीटना, अच्छा नहीं होगा| इससे बच्चे के माइंड पर पेरेंट्स के प्रति रिवर्स इफेक्ट पड़ेगा और भविष्य में वह ज्यादा हिंसक और जिद्दी बन जाएगा| टॉडलर बच्चे में यानी की डेढ़ साल से चार साल तक के बच्चे में गुस्सा आना सामान्य है, लेकिन इस गुस्से को इग्नोर करके मैंने सूजाये ऐसे सब इलाज अगर आप अखत्यार करेंगे तो आपका बच्चा गुस्सा नहीं करेगा और पांच साल के बाद अपने आप बच्चे का गुस्सा कम होकर बच्चा शांत होता जाएगा |
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